A Treasure Of Precious Manuscripts

Located on the busy Ashok Rajpath in Patna, the 109- year– old Khuda Bakhsh Oriental Public Library (KBOPL) is a treasure house of ancient manuscripts and paintings of the Islamic world. In fact, copies of the best gems of Islamic literature can be found in this building. As soon as one enters the premises of […]

तब बग्घी ही पटना के रईसों का वाहन था

19 वीं सदी के मध्य में पटना शहर का विस्तार पश्चिम दरवाजा के पश्चिम में दूर तक हो चला था। नए शहर के वाशिंदे, जिनमें यूरोपियन और संपन्न स्थानीय निवासी थे, की निर्भरता अलग अलग जरूरतों के लिए पुराने शहर पर थी और पुराने शहर के वाशिंदों का सरकारी दफ्तरों और शिक्षण सुविधाओं के लिए […]

डचों की कोठी से पटना कॉलेज तक

* 1632 में जब पुर्तगालियों को हुगली से बाहर निकाला गया तो पटना के साथ भी उनका व्यापारिक सम्बन्ध अचानक ख़त्म हो गया। ठीक उसी वर्ष पटना के बाजार में डचों ( हॉलैंड के निवासी ) का  प्रवेश हुआ। डच ईस्ट इंडिया कंपनी1602 में स्थापित एक चार्टड कंपनी थी, जिसे नीदरलैंड के राज्यों से  एशिया […]

Patna Museum: Down the ages

* Situated on Budha Marg in the ancient city of Patna, Patna Museum is one of the most important museums in India. It is famous all over world for its rare and priceless collections. * The Patna Museum was established in the year 1917 by sir Edward Gait, the then lieutenant governor of Bihar and […]

Glorious and Magnificent Pilgrimage of Sikhs: Takhta Har Mandir Sahib

The founder and the first Guru of Sikhs Guru Nanak Dev,while undertaking his first journey towards eastern direction of the country came to Patna in the year 1507. During his sojourn in Patna he stayed with his devotee Jaitamal. During his stay in Patna he came in contact with Jauhari Salis Rai, who later became […]

पटना कभी कपड़ों का बहुत बड़ा उत्पादन केंद्र था

पटना सिटी के इलाकों में घूमते हुए आज यह यकीन कर पाना मुश्किल होगा कि कभी यह इलाका कपड़ों का बहुत बड़ा उत्पादन केंद्र और बाजार था, जहां से दूर देशों में कपड़ों का निर्यात किया जाता था। – 1790 की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां 11,000 दुकानें थीं जिनमें 153 दुकानें धुनियों की थी […]

Jalan Museum: The time really stands frozen here

Nestling in the lap of the historical township of Patna City, the Jalan museum is virtually the pivot around which the past revolves. This private museum possesses some of the antique pieces and art objects that just cannot be found anywhere else in the world. Housed in a 459 – year – old Qila or […]

तब पटना में ट्राम चलाने की बनी थी योजना

अपनी किताब ‘यादगार-ए- रोज़गार’ में सैयद बदरुल हसन ने पटना में पाश्चात्य शिक्षा के प्रसार का भी जिक्र किया है। उसने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के पटना आगमन के बारे में भी लिखा है। वे लेखक के एक करीबी रिश्तेदार क़ाज़ी रज़ा हुसैन के घर मेहमान बन कर ठहरे थे। […]